Sunday, October 26, 2014

श्री रामदरश मिश्र जी की एक कविता/कंचनलता चतुर्वेदी

मित्रों ! मैं आज से एक नै शुरुआत कर रहा हूँ | वह है- पुराने रचनाकारों की रचनाओं को कवितापाठ के जरिये आपतक पहुँचाना | इस क्रम में श्री रामदरश मिश्र जी की कविता श्रीमती कंचनलता चतुर्वेदी के स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ | आशा है पुराने रचनाकारों को सम्मान देने का यह तरीका आपको जरूर पसंद आयेगा |इस रचना का वास्तविक आनंद Youtube पर सुन कर ही आयेगा, इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप मेरी मेहनत को सफल बनाएं और वहां इसे जरूर सुनें...