सभी दोस्तों को नमस्कार ! लीजिए आज पुनः एक रचना अपनी आवाज़ में प्रस्तुत कर रहा हूँ। हालांकि ये किसी स्टूडियो की रिकार्डिंग नही हैं और इसमें गायन, वादन और रिर्कार्डिंग एक साथ हुई है जैसे पुरानी फिल्मों में सारा काम एक साथ होता था, फिर भी आशा है आप को ये पसन्द आयेगी...ये मेरी रचना इसी ब्लाग में आप को पूर्व प्रकाशित मिलेगी। यहाँ केवल तीन अन्तरे ही हैं...
अगर ऊपर यू ट्यूब में कोई समस्या हो तो इस रिकार्डिंग को आप यहाँ भी सुन सकते हैं...
http://www.divshare.com/download/17669250-ad9
OR
http://www.youtube.com/watch?v=FscljyX0bKw&feature=plcp
आजकल फ़ायर फ़ाक्स में यू-ट्यूब काम नहीं कर रहा, इसलिये आप से ये अनुरोध है की आप इसे गूगल क्रोम में देखने का कष्ट करें....
धीरेन्द्र जी की इच्छा है कि मैं आवाज़ के साथ-साथ वह रचना भी पोस्ट कर दूँ...तो लीजिए प्रस्तुत है गाई हुई उक्त रचना...
नाराजगी भी है तुमसे प्यार भी तो है ।
दिल तोड़ने वाले तू मेरा यार भी तो है ।
मुझे बेकरार कर गयी है ये तेरी बेरुखी,
और उसपे सितम ये तू ही करार भी तो है।
जब चाहता हूँ इतना तो क्यों ख़फ़ा न होऊं,
तेरे बिना मेरा जीना दुश्वार भी तो है ।
तुमसे ही मेरी जिन्दगी वीरान हुई है,
तुमसे ही जिन्दगी ये खुशगवार भी तो है।
दोनों के लुत्फ़ हैं यहां इस एक इश्क में,
कुछ जीत भी है इश्क में कुछ हार भी तो है।
वैसे तो मेरा दिल जरूर तुमसे ख़फ़ा है,
तुमको ही ढूंढता ये बार बार भी तो है ।
अब सोच रहा हूँ अपनी नई रचनायें भी ऐसे ही पोस्ट करूँ... आप का क्या ख़याल है....
http://www.divshare.com/download/17669250-ad9
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http://www.youtube.com/watch?v=FscljyX0bKw&feature=plcp
आजकल फ़ायर फ़ाक्स में यू-ट्यूब काम नहीं कर रहा, इसलिये आप से ये अनुरोध है की आप इसे गूगल क्रोम में देखने का कष्ट करें....
धीरेन्द्र जी की इच्छा है कि मैं आवाज़ के साथ-साथ वह रचना भी पोस्ट कर दूँ...तो लीजिए प्रस्तुत है गाई हुई उक्त रचना...
नाराजगी भी है तुमसे प्यार भी तो है ।
दिल तोड़ने वाले तू मेरा यार भी तो है ।
मुझे बेकरार कर गयी है ये तेरी बेरुखी,
और उसपे सितम ये तू ही करार भी तो है।
जब चाहता हूँ इतना तो क्यों ख़फ़ा न होऊं,
तेरे बिना मेरा जीना दुश्वार भी तो है ।
तुमसे ही मेरी जिन्दगी वीरान हुई है,
तुमसे ही जिन्दगी ये खुशगवार भी तो है।
दोनों के लुत्फ़ हैं यहां इस एक इश्क में,
कुछ जीत भी है इश्क में कुछ हार भी तो है।
वैसे तो मेरा दिल जरूर तुमसे ख़फ़ा है,
तुमको ही ढूंढता ये बार बार भी तो है ।
अब सोच रहा हूँ अपनी नई रचनायें भी ऐसे ही पोस्ट करूँ... आप का क्या ख़याल है....
