मित्रों ! आज मेरे प्रिय गायकों में से एक मुकेश जी का जन्मदिन है | हालांकि मैं इस समय टान्सिल से परेशान हूँ पर पर इस दिन को ऐसे नहीं जाने दूंगा | इसलिए मुकेशजी का ये गीत आज प्रस्तुत कर रहा हूँ....
मंगलवार, 22 जुलाई 2014
रविवार, 29 जून 2014
शुक्रवार, 30 मई 2014
बड़ी दूर से आये हैं....
मित्रों ! अपना एक मनपसंद गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जो आशा है आप को भी पसंद होगा....
आप से अनुरोध है कि आप मेरे Youtube के Channel पर भी Subscribe और Like करने का कष्ट करें ताकि आप मेरी ऐसी रचनाएं पुन: देख और सुन सकें
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मंगलवार, 27 मई 2014
बधाई/उफ़ ! ये समाचार चैनल...
सबसे पहले तो प्रधानमंत्री मोदी जी और उनके मंत्रिमंडल को बधाई | देखते ही देखते अन्ततः मोदी की सरकार बन ही गयी | विरोधी बगले झांकते रह गए और भाजपा सत्ता में दस साल बाद पुनः वापस आ गयी | सच पूछिए तो ये जरूरी भी था | सत्ता का हस्तांतरण यदि इसी तरह कम से कम दस सालों में होता रहे तो कई चीजें अपने आप संतुलित हो जायेंगी | नेता मदांध होकर नहीं कुर्सी पर नहीं बैठेगे जैसा कांग्रेस के कुछ नेताओं के आचरण में दिख रहा था | कल जब सभी अपनी शपथ ले रहे थे तो मुझे मनमोहन सिंह जी की याद आ गयी | उन्होंने और उनके मंत्रिमंडल ने भी तो यह शपथ लिया था कि "जब ऐसा करना अपेक्षित न हो मैं कोई सूचना प्रकट नहीं करूंगा" पर क्या ऐसा हुआ ? उन्हें तो संविधान की और इस शपथ की परवाह किये बिना सूचनाओं को अपने सुपर बॉसद्वय को मजबूरी में बताना ही पड़ता था और इस बात कई बार प्रमाण हम सबको मिल ही चुके हैं | प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने पहले ही कुछ फैसलों में अपनी अलग एक झलक दिखाई है और पूरी उम्मीद है ये आगे भी बरक़रार रहेगा | सार्क देशों के सभी राष्ट्राध्यक्षों को बुलाना और अपनी पहली ही कैबिनेट मीटिंग में काला धन पर एस.आई.टी. बनाना ऐसे फैसले हैं जिनके असर दूरगामी हो सकते हैं |
अब बात कुछ समाचार चैनलों की कर लें | ये बात-बात पर भारत और पाकिस्तान की जनता को आमने-सामने बिठाकर ऐसे प्रश्न पूछने लगते हैं मुझे उस समय इनकी समझ पर तरस आने लगता है | अब नवाज शरीफ ने देर से भारत आने का फैसला क्यों लिया इसको वहां की जनता कैसे बता सकती है ? ऐसे कई प्रश्न मुझे बेतुके से लगे | इस कार्यक्रमों से ऐसा लग रहा था जैसे अभी युद्ध करवा कर ही ये मानेंगे और इन्हें अपने या किसी भी देश की जनता की भावना से खिलवाड़ करने की छूट मिली हुई है | इन चैनलों को भी कुछ जिम्मेदारी समझनी चाहिए |
सोमवार, 12 मई 2014
आप की जब थी जरूरत आप ने धोखा दिया
मित्रों ! एक रचना अपनी आवाज में प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे आप पहले पढ़ चुके हैं , इस रचना का संगीत-संयोजन भी मैंने किया है | आप से अनुरोध है कि आप मेरे Youtube के Channel पर भी Subscribe और Like करने का कष्ट करें ताकि आप मेरी ऐसी रचनाएं पुन: देख और सुन सकें | आशा ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है कि आप इस रचना को अवश्य पसंद करेंगे |
इस रचना का असली आनंद Youtube पर सुन कर ही आयेगा, इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप मेरी मेहनत को सफल बनाएं और वहां इसे जरूर सुनें...
सुनिए एक नई आडियो रिकार्डिंग
आप की जब थी जरूरत, आप ने धोखा दिया।
हो गई रूसवा मुहब्बत , आप ने धोखा दिया।
खुद से ज्यादा आप पर मुझको भरोसा था कभी;
झूठ लगती है हकीकत, आप ने धोखा दिया।
दिल मे रहकर आप का ये दिल हमारा तोड़ना;
हम करें किससे शिकायत,आप ने धोखा दिया।
बेवफ़ा होते हैं अक्सर, हुश्नवाले ये सभी;
जिन्दगी ने ली नसीहत, आप ने धोखा दिया।
पार करने वाला माझी खुद डुबोने क्यों लगा;
कर अमानत में खयानत,आप ने धोखा दिया।
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