बुधवार, 6 अप्रैल 2022

मन भटके जब इधर-उधर


 

हर किसी को भला समझते हैं


 

हार से कुछ भला निकलता है


 

देखिए क्या कहाँ निकलता है


 

मुझे इतना भी अंदाज़ा नहीं था