Sunday, July 14, 2019

चन्द्रकान्ता उपन्यास अध्याय-प्रथम, बयान-21

दोस्तों ! पं देवकीनंदन खत्री के प्रसिद्ध हिंदी जासूसी उपन्यास "चन्द्रकान्ता" के प्रथम अध्याय के इक्कीसवें बयान का वाचन प्रतिरूप प्रस्तुत है, यू-ट्यूब पर आपको ये लगातार धारावाहिक के रूप में सुनने को मिलेगा | आशा है आपको ये अवश्य पसंद आयेगा...... 

चन्द्रकान्ता उपन्यास अध्याय-प्रथम, बयान-21
उपन्यासकार: पं देवकीनंदन खत्री
स्वर : प्रसन्नवदन चतुर्वेदी

Sunday, May 12, 2019

चन्द्रकान्ता : अध्याय-प्रथम, बयान-20

दोस्तों ! पं देवकीनंदन खत्री के प्रसिद्ध हिंदी जासूसी उपन्यास "चन्द्रकान्ता" के प्रथम अध्याय के बीसवें बयान का वाचन प्रतिरूप प्रस्तुत है, यू-ट्यूब पर आपको ये लगातार धारावाहिक के रूप में सुनने को मिलेगा | आशा है आपको ये अवश्य पसंद आयेगा...... 

चन्द्रकान्ता उपन्यास अध्याय-प्रथम, बयान-20
उपन्यासकार: पं देवकीनंदन खत्री
स्वर : प्रसन्नवदन चतुर्वेदी

Friday, May 10, 2019

काशी पर एक कविता- प्रसन्न वदन चतुर्वेदी

तीन लोक से न्यारी काशी, इसकी अमर कहानी है |
धर्म,कला,साहित्य, चिकित्सा, संस्कृति की राजधानी है |
1.
यहाँ पे बाबा विश्वनाथ हैं, संकटमोचन बसते हैं,
माँ दुर्गा, अन्नपूर्णा जी हैं, भैरव जी भी रहते हैं,
काशी में गंगा जी उत्तरवाहिनी होकर बहती हैं,
है नगरी प्राचीन कई घाटों की निशानी कहती है,
सारनाथ में यहीं बुद्ध ने प्रथम बार उपदेश दिया,
जैन धर्म के पार्श्वनाथ जी ने काशी में जन्म लिया,
रामानंद, कबीर और रैदास यहीं के निवासी थे,
धन्वन्तरि, पतंजलि, ऋषि अगस्त्य यहाँ के वासी थे,
श्री वल्लभ आचार्य, शंकराचार्य, पाणिनि यहाँ रहे,
वेद व्यास,  तुलसी, कबीर ने यहीं पे कितने ग्रन्थ रचे,
रानी लक्ष्मीबाई ने भी काशी में ही जन्म लिया,
झाँसी की रानी बन जिसने जीवन अपना धन्य किया,
सभी तरह के शल्य-क्रिया के प्रथम प्रणेता सुश्रुत थे,
काशी उनकी कर्मभूमि थी आयुर्वेद-चिकित्सक थे,
राजा हरिश्चन्द्र की नगरी, इसका कोई न सानी है......... 
तीन लोक से न्यारी काशी, इसकी अमर कहानी है |

2.
भारतेन्दु श्री हरिश्चन्द्र ने एक नया उत्थान किया,
हिन्दी को इक नई धार दी, एक नई पहचान दिया,
प्रेमचन्द, जयशंकर, देवकीनन्दन, हजारी द्विवेद्वी,
रामचन्द्र शुक्ला, विद्यानिवास, धूमिल और तेग अली,
बलदेव उपाध्याय, क्षेत्रेशचन्द्र, वागीश शास्त्री यहाँ रहे,
काशी की धरती पर ही नज़ीर बनारसी ने शेर कहे,
रामदास, गिरिजा देवी, छन्नू, राजन-साजन मिश्रा,
काशी की धरती से ही इनके सरगम का स्वर है गूंजा,
रविशंकर सितारवादन में तो शहनाई में बिस्मिल्ला,
तबले में गुदई, किशन, अनोखेलाल मिश्र की  ना, धिन, ना;
एन.राजम, ओंकारनाथ की कर्मभूमि ये काशी है,
लालबहादुर शास्त्री जी की जन्मभूमि भी काशी है,
है महामना की धरती ये शिक्षा की नगरी कहलाती,
शिव की नगरी, दीपों का शहर, मंदिर का शहर भी है काशी,
विद्वानों की है ये नगरी, प्राचीनतम निशानी है.......... 
तीन लोक से न्यारी काशी, इसकी अमर कहानी है |
 

Thursday, March 21, 2019

होली के दिन...

आप सभी को होली की शुभकामनाएं...
Song : Holi Ke Din Dil Khil Jaate Hain
Movie : Sholay (1975)
Lyricist : Anand Bakshi
Singer : SanyaShree, PBChaturvedi
Original Singer : Lata Mangeshkar-
Kishore Kumar
Music Director : Rahul Dev Burman


चाँद आहें भरेगा

प्रस्तुत है मेरी आवाज में ये मशहूर गीत जिसे मुकेश ने आवाज़ दी थी। इसका वीडियो आपको अवश्य पसन्द  आएगा, ऐसी आशा है...
गीत :- चाँद आहें भरेगा
फिल्म :- फूल बने अंगारे
मूल गायक :- मुकेश
गीतकार :- आनंद बक्शी
संगीतकार :- कल्यानजी-आनंद जी
 

रिमझिम के गीत...

आज हमारी ( प्रसन्नवदन एवं श्रीमती कंचनलता) शादी की सालगिरह भी है और मेरी बेटी शाम्भवी का जन्मदिन भी | इस अवसर पर प्रस्तुत है ये प्यार भरा नगमा जिसे आप अवश्य पसंद करेंगे, ऐसी आशा है....
Song : Rimjhim Ke Geet Saawan Gaaye
Movie : Anjaana (1969)
Cover Sung :  Mithu Bhattacharya and PBChaturvedi
Original Singers : Lata Mangeshkar and  Md. Rafi
Lyricist : Anand Bakshi
Music Director : Laxmikant Pyarelal