Sunday, September 6, 2009

ग़ज़ल/संजीदगी से गाओ ये गीत दर्द का है

अक्सर हम गायकों को गीत गाते हुए सुनते हैं|मुझे एक बार ख्याल आया की शायद कभी ऐसा भी होता होगा कि गीत तो दर्द भरा हो,पर गायक उसे हलके-फुल्के अंदाज़ में गाए जा रहा हो|जबकि उसे संजीदगी से वह गीत गाना चाहिए था|बस बन गई कुछ पंक्तियाँ --

संजीदगी से गाओ ये गीत दर्द का है
ऐसे मुस्कुराओ ये गीत दर्द का है

शायर का दर्द तेरी आवाज़ में भी उभरे,
ऐसी कशिश से गाओ ये गीत दर्द का है

गुजरा है ये तुम्हीं पर ऐसा लगे सभी को,
आँखों में अश्क लाओ ये गीत दर्द का है

जितने भी सुन रहे हों उस गम में डूब जायें,
कुछ यूँ समां बनाओ
ये गीत दर्द का है

जब लिख रहा था इसको रोया बहुत था दिल ये,
वो दर्द फिर जगाओ
ये गीत दर्द का है

वो सच्ची शायरी है दिल पर असर करे जो,
दिल में जगह बनाओ
ये गीत दर्द का है।

27 comments:

  1. ऐसे न मुस्कुराओ ये गीत दर्द का है|
    behatareen

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  2. वाह क्या खुब लिखा है आपने .......भाई वाह मज़ा आ गया

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  3. शायर का दर्द तेरी आवाज़ में भी उभरे,
    ऐसी कशिश से गाओ ये गीत दर्द का है

    वाह मज़ा आ गया

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  4. क्या कहना ! भई वाह !!

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  5. बहुत खुब। अति सुन्दर

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  6. वाह प्रसन्नवदन जी वाह

    तीनों ही शेर गज़ब के हैं
    इसी अंदाज़ में पूरी ग़ज़ल करिए
    सुभकामनाएँ और बधाई

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  7. आह!! वाह!! क्या दर्द भरा गीत!!बहुत खूब!

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  8. मैंने भी प्रायः ये बातें शिद्दत से महसूस तो की, पर आपकी तरह इतने बेहतरीन शब्दों के साथ शेर की तरह पेश न कर सका. दो-तीन शेर यदि और कहते तो ये बेहतरीन ग़ज़ल का रूप ले लेती.

    दिल की बात को आवाज़ देने हेतु हार्दिक आभार.

    चन्द्र मोहन गुप्त
    जयपुर
    www.cmgupta.blogspot.com

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  9. mere blog par aakar mujhe padne ka shukriya...

    aapne bahut hi sanjidgi se baya ki hai ye pankitiyan.

    geet ka dard agar mere dil me hota
    geet phir geet nahi mere dil ka dard hota.
    bayan kar deta hai har koi chaar shabdo me pyaar ke dard ko
    pyaar agar geet ke dard me hote
    to shabd kam pad jate dard bayan karne ke liye.

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  10. 'शायर का दर्द तेरी आवाज़ में भी उभरे,
    ऐसी कशिश से गाओ ये गीत दर्द का है|'
    - तभी कोई गायक सच्चा गायक बन सकता है.

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  11. ऐसी कशिश से गाओ ये गीत दर्द का है....
    KYA BAAT AI SIR ....... BAHOOT SUNDAR LIKA AI

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  12. आपकी शायरी गज़ब की होती जा रही है.
    गुजरा है ये तुम्हीं पर ऐसा लगे सभी को,
    ये तो आपने कवियों की कसौटी बना दी. बधाई

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  13. शायर का दर्द तेरी आवाज़ में भी उभरे,
    ऐसी कशिश से गाओ ये गीत दर्द का है|

    वो सच्ची शायरी है दिल पर असर करे जो,
    दिल में जगह बनाओ ये गीत दर्द का है|

    वाह प्रसन्न जी बहुत खूब...अच्छी ग़ज़ल कही है आपने...बधाई.
    नीरज

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  14. वाह वाह क्या बात है! लाजवाब गीत! इस बेहतरीन गीत के लिए बधाई!दिल को छू गई आपकी ये दर्द भरी गीत!

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  15. शायर का दर्द तेरी आवाज़ में भी उभरे,
    ऐसी कशिश से गाओ ये गीत दर्द का ...वाह प्रसन्न जी बहुत खूब

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  16. भाई प्रसन्न जी,

    आपने तो मेरी पूर्व की टिपण्णी में की गई गुजारिश को पूर्ण कर दिखाया, तीन और बेहतरीन शेर जोड़ कर आखिर आपने इसे एक "ग़ज़लकार की दिली फरियाद की बेहतरीन ग़ज़ल" में मुकम्मल कर ही दिया. बाकि मैं ग़ज़ल का ज्यादा व्याकरण तो जानता नहीं, कि इस पर उन निगाहों से कमेन्ट कर सकूँ, पर भावों की द्रष्टि से बहुत सुकून दे रही है आपकी ये ग़ज़ल.
    मेरी बधाई स्वीकार करें.

    चन्द्र मोहन गुप्त
    जयपुर.
    www.cmgupta.blogspot.com

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  17. दर्द का गीत .....वाह सुन्दर

    regards

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  18. शायर का दर्द तेरी आवाज़ में भी उभरे,
    ऐसी कशिश से गाओ ये गीत दर्द का है|'
    सच मे अच्छी शायरी वही है जो सब के दिल मे उतर जाये बहुत खूबसूरत बधाई

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  19. नन्हे पंखों के प्रति आपकी संवेदना को सलाम। आपने दर्द को इतनी संजीदगी से उभारा है कि कया कहूं। कानून के हाथ लम्बे होते हैं और जहां रवि नहीं पहुंचते वहां कवि पहुंचते हैं। आपने दोनों विधा को साधा है। अच्छा लिखा है, साधुवाद

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  20. waah...acchi lines hain....!!! accha laga padh kar

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  21. प्रसन्न जी, आपने वाकई प्रसन्न कर दिया. सच्ची बात तो ये है कि गजल पढ़कर मेरा जी सन्न से हो गया. यानी अब मुझे अपने लिए सोचना पड़ेगा कि मुंह कहाँ छुपाऊँ. बहुत अच्छी गजल के लिए बधाई.

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  22. संजीदगी से गाओ ये गीत दर्द का है।
    ऐसे न मुस्कुराओ ये गीत दर्द का है।
    bahut khoob..
    ab jab likh diya hai to gaa bhi dijiye lage hathon..

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  23. गुजरा है ये तुम्हीं पर ऐसा लगे सभी को,
    आँखों में अश्क लाओ ये गीत दर्द का है। waah ..khuub

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  24. The best Gazal in your Stock. Buck-up. Please write this type of stuff.

    Kapil Dixit

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