Sunday, March 24, 2019

एक ग़ज़ल-प्रसन्न वदन चतुर्वेदी

प्रस्तुत है ये ग़ज़ल...

5 comments:

  1. बहुत खूब ..
    अद्भुत लेख!

    Hindi Panda

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    1. माननीया, टिप्पणी के लिए धन्यवाद पर टिप्पणी के पूर्व कम से कम देख तो लें कि क्या है और क्या लिख रहीं हैं.....

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